‘भारत माता’ कविता में कवि ने किस तरह के जन-जीवन की विशेषताओं को वर्णित किया है ?

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उत्तर- ‘भारत माता’ कविता में सुमित्रानन्दन पन्त ने भारतीयों की गुलामी की दशा को चित्रित किया है। जिसमें ये भारतीय की दीन-हीन, शोषित, दुःखी, असभ्य-अज्ञान औन उदासीन अवस्था का चित्रण करते हैं।

भारत माता के तथुगीन जीवन की विशेषताएँ निम्न प्रकार हैं-

(1) पराधीनता के कारण उसके ग्रामीण पुत्रों की उपेक्षा की जा रही है।

(2) भारतमाता के पुत्रों को भर पेट भोजन नहीं मिल रहा है। ये वस्त्रहीन हो समस्त ऋतुओं कष्ट का जीवन बिता रहे हैं।

(3) उसे जान-बूझकर शिक्षा से वंचित रखा जा रहा है। उसकी शिक्षा की कोई अवस्था नहीं है।

(4) उसके धन-धान्य उगलने वाले खेतों को विदेशी अपने पैरों तले रौंद रहे हैं और उससे मिलने वाली आर्थिक सफलता को निगल रहे हैं।

(5) शासक वर्ग उसे उपेक्षित कर उसे पीड़ा पहुँचा रहा है और उसका अधिक से अधिक शोषण कर रहा है।

इस तरह उसके पुत्रों के जीवन में आयी परेशानियों को कवि बता रहा है तथा उनके पशुतुल्य जीवन को चित्रित कर रहा है।