कर निर्धारण योग्य मूल्य के मूल्यांकन में सम्मिलित होने एवं सम्मिलित नहीं होने वाले बिन्दुओं प्रकाश डालिये।

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सीमा शुल्क की गणना विधि : विदेशों से आयातित माल पर आयातक को सीमा शुल्क चुकाना पड़ता है। आयात शुल्क की गणना के लिए प्रक्रिया को दो भागों में बाँटा गया है जो निम्न प्रकार है

(क) कर योग्य माल या मूल्य की गणना कर निर्धारण योग्य मूल्य की गणना में निम्नलिखित मदें शामिल की जाती है

(I) सव्यवहार मूल्य (Transaction Value) –यह बीजक मूल्य Invoice Price भी कहलाता है।

(2) कमीशन एवं दलाली (Commission and Brokerage)-किसी आयातक या निर्यातक का कोई भी एजेन्ट जिसको भारत में हुए सौदों पर कमीशन या दलाली दी जाती है तो ऐसा भुगतान किया गया कमीशन या दलाली मूल्य में शामिल किए जायेंगे।

(3) पैकिंग लागत (Cost of Packing) – पैकिंग लागत यदि पृथक् से जोड़ी जाती है तो वह मूल्य में शामिल होगा।

(4) डिजाइन एवं विकास व्यय (Cost of Design and Development)-विदेशी निर्यातक द्वारा पूर्ति किए गए माल के सम्बन्ध में किए गए डिजाइन एवं विकास व्यय मूल्य में शामिल होंगे यदि इनका भुगतान पृथक् से किया गया हो।

(5) आयातकर्ता द्वारा सामग्री आदि का भुगतान या पूर्ति (Payment or Supply of Materials etc. by the Importer)- आयातकर्ता द्वारा निर्यातक को प्रदत्त माल एवं सेवाओं का मूल्य भी बीजक में जोड़ा जाएगा।

(6) रॉयल्टी व लाइसेंस शुल्क (Royalty and Licence Fees) यदि आयातक ने आयातित वस्तु के सम्बन्ध में अलग से रॉयल्टी या लाइसेंस शुल्क का भुगतान किया है तो भी ऐसी राशि मूल्य में सम्मिलित की जाएगी।

(7) परिवहन व्यय (Transport Cost)-परिवहन व्यय की समस्त राशि शामिल की जाएगी परन्तु यदि माल हवाई जहाज से मंगाया गया है और भाड़े की राशि बहुत अधिक है तो जहाज लदान मुक्त मूल्य का 20% परिवहन व्यय में जोड़ा जाएगा।

(8) बीमा प्रीमियम (Insurance Premium)- बीमा प्रीमियम के व्यय भी मूल्य में शामिल किए जायेंगे। यदि बीमा प्रीमियम की राशि ज्ञात नहीं है तो माल के जहाज लदान मूल्य का 1.125% बीमा प्रीमियम मानकर उसे जोड़ा जाएगा।

(9) लोडिंग व्यय (Londing Charges ) माल को चढ़ाने, उतारने के खर्चे लोडिंग व्यय कहलाते है। इसके लिए मानक दर 1% तय की गई है।

कर निर्धारण योग्य मूल्य ज्ञात करने के लिए उपर्युक्त सभी मदों को शामिल किया जाएगा परन्तु इस मूल्य में निम्नलिखित को शामिल नहीं किया जाएगा

  • बंदरगाह से आयातकर्ता के कारखाने या गोदाम तक लाने के परिवहन व्यय।
  • भारत के स्थानीय कर, जैसे-गोदी शुल्क, ऑक्ट्राय आदि।
  • आयातित माल भारत में आने के पश्चात् स्थापना के व्यय या निर्यातकर्ता विदेशी विक्रेता द्वारा तकनीकी सहायता विदेशी मुद्रा को भारतीय मुद्रा में बदलना-यदि विदेशों से आयातित माल का बीजक विदेशी मुद्रा में आता है तो ऐसी दशा में सीमा शुल्क की गणना के लिए विदेशी मुद्रा में दी गई राशियों को भारतीय मुद्रा में केन्द्र सरकार द्वारा उल्लेखित अधिसूचित दर से परिवर्तित किया जाएगा। यदि रिजर्व बैंक द्वारा घोषित विनियम दर अलग हो या आयातक ने अलग दर से भुगतान किया हो तो यह मान्य नहीं होगा

तथा केन्द्र सरकार की अधिसूचित दर ही मान्य होगी। रुपये में परिवर्तित मूल्य विदेशी मुद्रा में माल का मूल्य x भारत सरकार द्वारा अधिसूचित दर

(ख) देय सीमा शुल्क की गणना कर योग्य मूल्य ज्ञात करने के पश्चात् देय सीमा शुल्क की गणना की जाएगी जो निम्न प्रकार है- 1. मूल सीमा शुल्क, 2. अतिरिक्त सीमा शुल्क, 3. विशेष अतिरिक्त सीमा शुल्क