पैकेजिंग को परिभाषित कीजिए। पैकेजिंग के उद्देश्य और कार्य क्या है? अच्छे पैकेज की विशेषताएँ बताइए

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पैकेजिंग का अर्थ एवं परिभाषा (Meaning and Definition of Packaging) : आजकल पैकेजिंग का काफी महत्व है। इसी कारण उपभोक्ताओं को बाजार में वस्तुएँ कागज के डिब्बों, सुन्दर आकार की शीशियों तथा टिन या प्लास्टिक के डिब्बों में पैक की हुई मिलती है।

पैकेजिंग वह कला है, जिसके द्वारा वस्तु को सुरक्षा प्रदान की जाती है, अपनी वस्तु को अन्य उत्पादकों की वस्तुओं से भिन्नता प्रदान की जाती है तथा ग्राहकों को आकर्षित किया जाता है। पैकेजिंग भी विपणन प्रबन्ध का एक महत्वपूर्ण अंग माना जाता है। आज के प्रतियोगितात्मक व्यावसायिक युग में वस्तु को आकर्षक बनाने में पैकेजिंग का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

  • (1) विलियम ने स्टाण्टन (William J. Stanton) के अनुसार, “पैकेजिंग को वस्तु नियोजन की उन सामान्य क्रियाओं के समूह की तरह परिभाषित किया जा सकता है जिसमें किसी वस्तु के लिए लपेटने या आधानपात्र का उत्पादन करने और उनका डिजाइन बनाने से सम्बन्धित है।”
  • (2) आर. एस. डावर (R. S. Daver) के अनुसार, “पैकेजिंग वह कला व विज्ञान है जो किसी के खोल में बन्द करने या खोल को उत्पाद के पैकेजिंग के उपयुक्त बनाने हेतु सामग्रियों, ढंगों और साज-सज्जा के विकास एवं प्रयोग से सम्बन्धित है, जिससे उत्पाद, वितरण की विभिन्न अवस्थाओं से गुजरते समय पूर्णतः सुरक्षित रह सके। पैकेजिंग के उद्देश्य (Objectives Packaging) अच्छे पैकेजिंग के निम्नलिखित उद्देश्य पाये जाते हैं

सामग्री

(i) पैकेजिंग का प्रमुख उद्देश्य उत्पाद को आकर्षक बनाना है, जैसे-सौन्दर्य प्रसाधन की को आकर्षक डिजाइन के पैक में प्रस्तुत करना।

(ii) उपभोक्ताओं की आवश्यकताओं की पूर्ति करना।

(iii) उपभोक्ताओं की माँग में वृद्धि करना।

(iv) वर्तमान उपभोक्ता माँग की गिरती हुई दशा को सुधारना।

(v) वस्तुओं के बारे में अच्छी धारणा स्थापित कर लाभों में वृद्धि करना।

पैकेजिंग के कार्य (Functions of Packaging)

अधिकांश लोगों की मान्यता है कि पैकेजिंग वस्तुओं को केवल सुरक्षा प्रदान करने के लिए होता है, परन्तु यह विचार उपयुक्त नहीं है, क्योंकि पैकेजिंग वस्तुओं को केवल सुरक्षा ही प्रदान नहीं करता, बल्कि वस्तु के मूल्य में भी वृद्धि करता है तथा उनके विक्रय संवर्द्धन में भी सहायक होता है। पैकेजिंग के अग्र कार्य है

(1) सुरक्षा (Protection) पैकेजिंग का प्रमुख कार्य उत्पादित वस्तु को टूटने-फूटवे, गलने-सहने, कीड़े-मकोड़ों आदि से बचाना या सुरक्षा प्रदान करना है।

(2) सुविधा (Convenience)—पैकेजिंग उत्पाद को इस योग्य बनाता है कि उसे एक स्थान से दूसरे स्थान पर मध्यस्थों तथा उपभोक्ताओं तक सुविधा से पहुँचाया जा सके।

(3) विज्ञापन (Advertising)–आकर्षक पैकेजिंग के कारण उपभोक्ता स्वयं ही उसकी ओर आकर्षित होकर उसको जानने लगते हैं। इस प्रकार से अच्छा पैकेज उत्तम विज्ञापन और विक्रय संवर्द्धन का कार्य भी करता है।

(4) लाभ की सम्भावनाएँ (Profit Possibilities) यदि पैकेजिंग मजबूत तथा आकर्षक हो तो उपभोक्ताओं से उत्पाद की ऊँची कीमतें प्राप्त करके लाभों में वृद्धि की जाती है।

(5) परिचय (Identification)-जब विभिन्न उत्पादकों द्वारा एक ही वस्तु का निर्माण किया जाता है तो अपनी वस्तु की अलग पहचान के लिए भी पैकेजिंग विशेष रूप से सहायक होता है। पैकेजिंग अपने अलग रंग, रूप, आकार आदि के द्वारा अपना परिचय देता है।

(6) भण्डारण (Storage) वस्तुओं का उचित रूप से भण्डारण करने के लिए भी पैकेजिंग किया जाता है ताकि स्टोर में रखने में सुविधा तथा सुरक्षा दोनों ही प्राप्त हो सके और जगह भी कम प्रयोग हो ।

एक अच्छे पैकेज के लक्षण या विशेषताएँ (Characteristics of a Good Package) यह पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि पैकेजिंग अनेक उद्देश्यों की पूर्ति में सहायक होता है। परन्तु यह उल्लेखनीय है कि पैकेज वांछित उद्देश्यों को पूरा करने में तभी सक्षम हो सकेगा जबकि उसमें कुछ महत्वपूर्ण विशेषताएँ समाविष्ट हों। एक अच्छे पैकेज में निम्नलिखित विशेषताएँ होनी चाहिए

(1) ध्यानाकर्षण-पैकेज ऐसा हो जो लोगों का ध्यान आकर्षित करे। आधुनिक प्रतिस्पर्द्धात्मक समय में पैकेज की यह विशेषता विशेष महत्वपूर्ण है। एक ग्राहक प्रारम्भ में ही वस्तु को नहीं देखता। वह पैकेज से प्रभावित होकर ही वस्तु को देखने की इच्छा प्रकट करता है।

(2) पहचान-पैकेज ऐसा हो जिसे आसानी से पहचाना जा सके अर्थात् एक बार देखने के पश्चात् ग्राहक उसे तत्काल पहचान सके।

(3) रूचि उत्पन्न करना जो ग्राहक के मन में उत्पाद के प्रति रुचि पैदा कर सके और उसे बनाये रखे।

(4) इच्छा जाग्रत करना-पैकेज ऐसा हो जिसे देखकर ग्राहक के मन में उत्पाद को प्राप्त करने की इच्छा जाग्रत हो।

(5) क्रय बाध्यता-ग्राहक को उत्पाद क्रय करने के लिए बाध्य करे।

(6) सुरक्षा-उत्पाद की पूर्ण सुरक्षा कर सके।

(7) उत्पाद छवि-उत्पाद छवि (Product Image) में सुधार करें।

(8) उपयोगी-उत्पाद के उपयोग के पश्चात् भी उपयोगी सिद्ध हो, जैसे-‘डालडा’ या ‘स्व’ घी के डिब्बे उपयोग के पश्चात् अन्य घरेलू वस्तुओं को रखने में काम में लाये जा सकते हैं।

(9) स्मरण कराते रहना-पैकेज ऐसा हो जो उत्पाद विक्रय के उपरान्त भी स्मरण कराता हे, ताकि पुनः विक्रय किया जा सके।

(10) सुविधा-पैकेज ऐसा हो जिससे उत्पाद को लाने-ले जाने में सुविधा हो।

पैकेजिंग का महत्व एवं आवश्यकता (Importance and Need of Packaging)

वर्तमान प्रतियोगितात्मक युग में पैकेजिंग का बहुत अधिक महत्व है। बाजार में एक ही प्रकार की विभिन्न वस्तुएँ होती हैं। इन वस्तुओं की प्रतियोगिता में उत्पादक अपनी वस्तुओं को आकर्षक मजबूत व उपयोगी पैकेजिंग के आधार पर लोकप्रिय बना सकता है। आजकल पैकेजिंग का महत्व इसलिए ही नहीं है कि उसमें वस्तुओं को सुरक्षा मिलती है वरन इसलिए भी है कि पैकेजिंग के आधार पर वस्तु का मूल्य ही नहीं विक्रय परिणाम भी बढ़ाया जा सकता है। पैकेजिंग का विचार उत्पादनाभिमुखी न होकर विपणनोखी है। पैकेजिंग उत्पाद को सुरक्षित रखता है, परिवहन को सुविधाजनक बनाता है व विक्रय में वृद्धि करता है। यह ग्राहकों की आवश्यकताओं की पूर्ति कर उनको पूर्ण सन्तुष्टि प्रदान करता है। पैकेजिंग के लाभों का अध्ययन निम्न शीर्षकों के अन्तर्गत किया जा सकता है

(1) निर्माताओं को लाभ निर्माताओं अथवा उत्पादों को पैकेजिंग से निम्न लाभ प्राप्त होते हैं

(1) आकर्षण-सुन्दर एवं प्रभावी पैकेजिंग उत्पाद के आकर्षण में वृद्धि करता है। कुछ लोग तो अब यहाँ तक कहने लगे हैं कि पैकेजिंग के आकर्षण के कारण पैकेजिंग बिकता है, उत्पाद नहीं।

(2) सुरक्षा – पैकेजिंग उत्पाद को सुरक्षा प्रदान करता है जिसके परिणामस्वरूप न केवल वह उसे खराब होने से बचाता है वरन उसकी आयु में वृद्धि करता है।

(3) विक्रय संवर्द्धन आकर्षण पैकेजिंग होने से उसका विज्ञापन करने एवं विक्रय संवर्द्धन में सुविधा रहती है।

(4) मिलावट में रुकावट पैकेजिंग उत्पाद में मिलावट होने की सम्भावना कम करता है।

(5) भण्डारण में सुविधा-पैकेजिंग उत्पाद के भण्डारण में सुविधा प्रदान करता है।

(6) ख्याति में वृद्धि-सुन्दर एवं मजबूत पैकेजिंग निर्माता की ख्याति में वृद्धि करता है।

(7) विक्रय वृद्धि-पैकेजिंग उत्पाद की विक्रय वृद्धि में अभूतपूर्व सहायता प्रदान करता है।

(II) मध्यस्थों को लाभ

मध्यस्थों को पैकेजिंग से निम्न लाभ प्राप्त होते हैं

(1) पहचान में सुविधा-पैकेजिंग उत्पाद की पहचान करने में सुविधा प्रदान करता है।

(2) लाने-ले-जाने में सुविधा-पैकेजिंग उत्पाद को एक स्थान से दूसरे स्थान तक लाने-ले जाने में सुविधा प्रदान करता है।

(3) दिखाने एवं विक्रय में सुविधा पैकेजिंग उत्पाद को ग्राहकों को दिखाने एवं विक्रय करने में सुविधा प्रदान करता है।

(4) भण्डारण में सुविधा-पैकेजिंग उत्पाद के भण्डारण में सुविधा प्रदान करता है।

(5) विज्ञापन में सुविधा-पैकेजिंग उत्पाद के विज्ञापन में सुविधा प्रदान करता है। आकर्षक पैकेजिंग उत्पाद का स्वयं ही विज्ञापन करता है।

(III) उपभोक्ताओं को लाभ

उपभोक्ताओं को पैकेजिंग के निम्न लाभ प्राप्त होते हैं

(1) लाने में सुविधा-पैकेजिंग उपभोक्ताओं को उत्पाद में लाने में सुविधा प्रदान करता है।

(2) मिलावट की सम्भावनाएँ कम-उपभोक्ता को उत्पाद मूल रूप में मिलता है। उसमें मिलावट की सम्भावनाएँ कम हो जाती है।

(3) सलाह-पैकेजिंग के साथ छपा हुआ साहित्य उपभोक्ताओं को वस्तु के उचित प्रयोग की सलाह देता है जिससे उपभोक्ता उसका पूरा-पूरा लाभ उठा लेते हैं।

(4) पहचान में सुविधा-आकर्षक पैकेजिंग उपभोक्ता को उत्पाद की पहचान करने में सुविधा प्रदान करता है।