रोकड़ बजट की परिभाषा दीजिए। इसके महत्व की व्याख्या कीजिए। Define cash budget. Explain its importance.

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रोकड़ बजट रोकड़ सम्बन्धी प्राप्तियों एवं भुगतान को तथा बजट अवधि के प्रत्येक माह के अनुमानित रोकड़ शेष को प्रकट करता है। एक रोकड़ बजट किसी बजट अवधि या अन्य किसी विशेष अवधि के लिए पूर्व अनुमानित नकद प्राप्तियों एवं भुगतान का विस्तृत अनुमान है।

गूथमैन एवं छूगल के अनुसार, “रोकड़ बजट भावी अवधि हेतु रोकड़ का अनुमान है।” एस. सी. कुच्छल के अनुसार, “रोकड़ बजट किसी अवधि हेतु रोकड़ के आधिक्य एवं कमी के समय एवं मात्रा के निर्धारण के उद्देश्य से रोकड़ के अंतःप्रवाह एवं बाहरी प्रवाह के अंकन की तालिका है। यह रोकड़ के आधिक्य तथा कमी से इस समस्या का समाधान करने के लिए समय पर कार्यवाही करने के लिए वित्तीय प्रशासन का ध्यान आकर्षित करता है।”

रोकड़ बजट के लाभ/ महत्व

  • (1) रोकड़ स्थिति के बारे में अनुमान प्राप्त हो जाता है।
  • (2) संस्था के पास यदि अधिक रोकड़ रहने का अनुमान लगता है तो उसके विनियोजन की अग्रिम व्यवस्था की जा सकती है।
  • (3) यदि संस्था के पास रोकड़ की कमी होने का अनुमान है तो इस कमी को दूर करने साधन जुटाने के उपाय किये जा सकते हैं।
  • (4) उधार लेने के लिए रोकड़ बजट एक उत्तम आधार का कार्य करता है।
  • (5) रोकड़ बजट द्वारा प्राप्ति एवं भुगतान में समन्वय स्थापित किया जा सकता है।
  • (6) रोकड़ बजट द्वारा तकनीकी दिवालिया की स्थिति से बचा जा सकता है।
  • (7) रोकड़ बजट द्वारा तरल स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सकता है।
  • (8) रोकड़ बजट द्वारा कार्यशील पूँजी, बिक्री, विनियोजन, उधार आदि में समन्वय स्थापित किया जा सकता है।
  • (9) यह अल्पकालीन समय के लिए उपलब्ध अतिरिक्त राशि को विनियोग करने की उपलब्धता को प्रकट करता है।

रोकड़ बजट के स्वरूप-रोकड़ बजट के अनेक स्वरूप हो सकते हैं, लेकिन सामान्यतः अग्रलिखित तीन स्वरूप अधिक प्रचलित हैं

(1) मासिक रोकड़-इस बजट में एक विशेष माह की विभिन्न तिथियों के लिए अनुमानित रोकड़ प्राप्तियों एवं भुगतानों के सम्बन्ध में वितरण दिया जाता है।

(2) त्रैमासिक रोकड़ बजट-इस बजट में रोकड़ प्राप्तियों एवं भुगतानों के माहवारी पूर्वानुमान प्रस्तुत किये जाते हैं। रोकड़ प्राप्ति एवं भुगतान का पूर्वानुमान वर्ष के तीन माह के लिए लगाया जाता है और उन्हें महीनानुसार प्रस्तुत किया जाता है।

(3) वार्षिक रोकड़ बजट – यह बजट एक वर्ष के विभिन्न महीनों के लिए ये गये पूर्वानुमानों का रोकड़ बजट तैयार करने की विधि-रोकड़ बजट निर्माण की सबसे अधिक लोकप्रिय पद्धति प्राप्त सारांश होता है। तथा भुगतान पर आधारित है। इस पद्धति के अन्तर्गत सम्पूर्ण रोकड़ बजट को दो भागों में बांटा जाता है। प्रथम भाग में बजट अवधि में रोक प्राप्तियों को दिखाया जाता है तथा दूसरे भाग में उसी बजट अवधि में सम्पूर्ण रोक भुगतानों को प्रदर्शित किया जाता है। इसके दोनों भागों का निम्न है

(अ) रोकड़ प्राप्ति-रोकड़ प्राप्ति के निम्न स्रोत हो सकते हैं (1) नगद विक्रय, ( 2 ) लेनदारों से वसूली, (3) प्राप्य बिलों से वसूली, (4) अग्रिम और ऋण पर प्राप्त व्याज, (5) प्राप्त लाभांश, (6) पूँजी सम्पत्तियों के विक्रय पर प्राप्त राशि, (7) अंशों तथा ऋणपत्रों का निर्गमन, (8) अन्य साधन

(ब) रोकड़ भुगतान रोकड़ भुगतान की निम्न मदें हो सकती है (1) नगद क्रय, (2) लेनदारों का भुगतान, (3) देय बिलों का भुगतान, (4) कर्मचारियों को भुगतान, (5) प्रशासन, विक्रय एवं वितरण व्ययों का भुगतान, (6) बैंक ऋण व विशिष्ट दायित्वों का भुगतान, (7) ब्याज व लाभांश का भुगतान, (8) कर दायित्वों का भुगतान, (9) पूँजीगत सम्पत्तियों का भुगतान।